السلام عليكم

आप हज़रात को मुस्लिम मददगाह के मक़सद से तआरुफ़ कराते हुए और मुस्लिम मददगाह के आगाज़ व बुनियाद की इत्तेलाह देते हुए बड़ा ज़ेहनी सूकून महसूस हो रहा है!

ख़ुदा की क़ायनात के ख़ास और बेशक़ीमती ज़मीनी टुकड़े वतन-ए-जान हिंदुस्तान में सदियों से सेवक व ख़िदमतगारी का किरदार निभाते आ रही मुस्लिम क़ोम ने मुल्क़भर के हर हिस्से में अमनोअमान को क़ायम करने की हर नाज़ुक वक़्त में पुरज़ोर क़वायद की है अफसोस तक़रीबन 5 दशक से सुविधाओं से शिक्षा से विकास से महरूम होते रही भारतीय मुस्लिमों की ज़िन्दगी मोहताज़गी के शिखर पर पहोच गई है ग्रामीण इलाक़ो से शहर सूबे तक कि मुस्लिम बस्तियों में माली मोहताज़गी पेर पसार रही है मुस्लिम समाज का एक बहुत बड़ा तबक़ा ग़रीबी बेरोज़गारी मोहताज़गी बेबसी में ज़िन्दगी बसर करने पर आमादा है! बस हर जरूरतमंद ईमानवाले की मदद करने की मंशा से भारतीय खिदमतगार मुस्लिमों ने हिंदुस्तान के अमनोअमान को क़ायम रखने व जरूरतमंद मोहताज़ ग़रीब मुस्लिमों को हिफ़ाजत का अमलीज़ामा पहनाने व निर्धन बेसहारा बेक़सूर बेरोज़गार साज़िश और ज़ुल्म ज़्यादती के शिकार बेगुनाह मुस्लिमों की मदद की मंशा से उनकी तरक़्क़ी व हाजतो को पूरा करने के लिए ख़िदमतगारी के एहतबार से माशाअल्लाह इज़तीमाई शक़्ल में मुस्लिम मददगाह की मुक़म्मल भारत मे बुनियाद रखी गई है जो इन्शाअल्लाह बहुत जल्द आप साथियों की मदद से भारतीय जरूरतमंद मुस्लिमो के लिए मदद का राष्ट्रीय मरकज़ साबित होगी!!

भारतीय जरूरतमन्दों को राहत पहूँचाने के लिए किस तरह काम कर रही है मुस्लिम मददगाह ??? जानिए!

सबसे पहले मुस्लिम मददगाह की मंशा मुल्क़ कि सभी इस्लामिक तंजीमों संस्थानों व खिदमतगारों के ख़ेमो को एक मंच पर लाकर उन्हें जरूरतमन्दों की हाजतो से रूबरू करवाने की है जिससे कि अल्लाह के नेक दिल बन्दे आगे आकर असल मोहताजों को इज़तीमाई शक़्ल में राहत परोसने की कोशिश कर सके और मदद का इज़तीमाई निज़ाम भी हर मुस्लिम बस्तियों में आम हो सके !!!

मुस्लिम मददग़ाह बहुत जल्द वतन-ए-हिन्दुस्तां में जरूरतमंद मुस्लिमो के लिए मदद का एक राष्ट्रीय मरकज़ बन जाएगा इंशाअल्लाह !!!!

मुस्लिम मददगाह तमाम हिंदुस्तानी हुक़ूमत की शासकीय सेवाओ से रिटायर्ड मुस्लिम अफ़सर मुलाजीम, वक़ील डॉक्टर,पत्रकार व देश मे मौजूद मुल्क़ और मानवता की ख़िदमतगारी कर रही मुस्लिम तंजीमो से सिलसिलेवार राफ़ता क़ायम कर मुफ़लिस मोहताजों की मदद के लिए खिदमतगारों का ख़ेमा तैयार कर रहा है! जिससे कि इज़तीमाई शक़्ल में हिंदुस्तान के हर क़स्बे शहर गांव देहातों की मुस्लिम बस्तियों में बेसहारा मोहताज़गी में बसर जरूरतमन्द ज़िन्दगियों की मदद के लिए खिदमतगारों के मुक़ामी ख़ेमे तैयार हो सके जो अपने अपने मुक़ामी इलाक़ो में एक दूसरे के हाथों में हाथ देकर नफ़रत की भड़कती आग को भुझा सके व अपने इर्दगिर्द भाईचारे व मोहब्बत का माहुल बना बेबस बेसहारों की हरचन्द मदद कर सके!!

इन तमाम मदद के अमल को किस तरह अंज़ाम तक पहुँचाएगी मुस्लिम मददगाह ? जानिए

【 मीडिया मददगाह 】

मुस्लिम मददगाह अपने हर एक बुनियादी मक़सद को पूरा करने के लिए भारत के चौथे स्तम्भ मीडिया मददगाह के रथ पर सवार हो रहा है जिस ख़ेमे का नाम मुस्लिम मददगाह के शोबे में मीडिया मददगाह रखा गया है।

मीडिया मददगाह

भारतीय जरूरतमंद मुस्लिमो की मदद के लिए खबरों का एक राष्ट्रीय मरकज़ है जो खबरों के तमाम साधनों के साथ देश मे शिरक़त कर रहा है!

मुस्लिम मददगाह का न्यूज़ पोर्टल 【muslimmadadgah.com】 , व मुस्लिम मददगाह का ऑनलाइन न्यूज़ चेंनल,मुस्लिम मददगाह कि मोबाईल न्यूज़ एप्प और बहुत ही जल्द आने वाला मुस्लिम मददगाह का राष्ट्रीय अख़बार भी,जो मीडिया मददगाह की शक़्ल में रहेगा जिसमे माशाअल्लाह तमाम हिंदुस्तान के समाचार संस्थानों में मौजूद मुस्लिम पत्रकार व लेखक अपने अपने इलाक़े की ख़बर लिख सकेंगे और भारतीय जरूरतमंद मज़लूम बेगुनाह निर्धन मुस्लिमों की आवाज़ बुलन्द करने का ज़रिया बन सकेंगे और ज़ुल्म ज्यादती के शिकार हुए फरियादियों कि पीड़ा की तहक़ीक़ कर उनके हक को क़लम के दम पर दिला सकेंगे !!

【 इस्लामिक हुलिया 】

मुस्लिम मददगाह देश के सभी मदरसों से फ़ारिग आलिम हाफिज़ मुफ़्ती क़ारी और मस्जिदों के ईमाम और मोहज्जिनो की हिफ़ाजत के लिए अज़बाब-ए-संविधान की ईंटों से क़ानूनी क़िला तैयार कर चुका है और हिफ़ाजत के इस मज़बूत क़िले में दाख़िले के लिए माशाअल्लाह लगातार मुस्लिम मददगाह के हिफ़ाजती ख़ेमे (इस्लामिक हुलिया)में मेम्बरशिप का सिलसिला जारी है। मुस्लिम मददगाह भारत के सभी आलिम हाफिज़ मुफ़्ती क़ारी को सुऱक्षा का अज़बाबी लिहाफ़ ओढ़ाने के लिए लगातार मस्जिदों और मदरसों के निगहबानो को इस्लामिक हुलिया के हुज़ूम में शामिल कर रहा है और हर वक़्त मदद परोसने के लिए एक ऐसा मोबाईल न्यूज़ एप्प तैयार कर रहा है जो हर एक मुबारक़ इस्लामिक हुलिया के लिए राहत का सबब साबित होगा! अगर मुल्क़-ए-हिन्दुस्तां के किसी भी सूबे में दाड़ी टोपी और मुस्लिम होने की वजह से आकरण कोई शक करे या तानाकसी करे या ज़ुल्म ज्यादस्ती कर ज़बरन राष्ट्र विरोधी कहकर तोहमतें लगाए या किसी भी मक़ाम पर हिन्दुस्तां के किसी भी शख़्स को इस्लामिक हुलिया की वजह से कोई भी परेशानी आए या वो मुस्लिम होने की वजह से किसी मुसीबत में पड़ जाए या उस को कहीं भी ज़बरन साज़िश के तहत जुल्म का शिकार होना पड़े उस वक़्त सिर्फ़ उन हज़रात को मुस्लिम मददगाह से राफ़ता क़ायम करना पड़ेगा और मोबाईल एप्प पर सिर्फ़ एक बटन दबाने की ज़रूरत होगी और फिंर इन्शाअल्लाह हरचन्द क़वायद कर मौके पर ही मुस्लिम मददगाह हिंदुस्तान के किसी भी कौने में क़ानूनी अज़बाब राहत की शक़्ल में पैदा करके मदद पहूँचेगा और इन्शाअल्लाह फ़रियादी को इंसाफ मिलने तक साथ नही छोड़ेगा!!!

【 इबादतगाह 】

हिंदुस्तानी इबादतखानो की तादाद का आंकड़ा मुक़म्मल भारत मे किसी भी इस्लामिक तंजीम के पास आज तक मौजूद नही हैं और लाखों की तादाद में हिंदुस्तान में अल्लाह के घर मस्जिदों की शक़्ल में क़ायम हैं और गुज़रे हुए कुछ सालों में तो माशाअल्लाह ईमान वालो के ज़ज़्बों से देश भर के कई सूबे शहर कस्बे व ग्रामीण इलाकों में लाखो नई मस्जिदों की बुनियादे भी रखी जा चुकी हैं लेकिन ज़रूरत पड़ने पर कई नई व पुरानी मस्जिदों के शासकीय दस्तावेज़ो में कमी वेशी होने के चलते मुक़ामी मस्जिद मदरसों के जिम्मदारों को शासकीय दफ्तरों में कई बार तरह तरह की मुसीबतों का सामना करना पड़ता हैं बस इसी मंशा से मुस्लिम मददगाह तमाम हिन्दुस्तां की इबादतगाहों का पंजीयन कर आंकडों को इखट्टा करने की हरचन्द कवायत करके इबादतगाहों को कांनूनी तौर पर हीफ़ाज़त के घेरे में लेने की कोशिशें कर रहा हैं जिससे कि जिन मस्जिदों व मदरसो के शासकीय दस्तावेज़ो में कोई कमीवेशी हैं तो उसे मुस्लिम मददगाह के ज़रिए पूरा किया जा सकेगा व हिन्दुस्तां के किसी भी मस्जिद और मदरसो पर अचानक मुसीबतें आने पर मुस्लिम मददगाह मदद के लिए पुरजोशी से पहल कर सकेगा।

【 मदरसो के तलबाओं के स्कूली दाख़िले! 】

मुस्लिम मददगाह का एक सोबह हिन्दुस्तान के दीनी मदरसो के अंदर गैर स्कूली तालीम वाले तलबाओं को दीनी तालीम के साथ साथ स्कूली तालीम हासिल करवाने कि कोशिशों में जुटा हैं कि मदरसो की दीनी तालिमगाहों से फ़ारिग होने के बाद तलबा आलिम हाफिज़ क़ारी बनने के साथ साथ डॉक्टर इंजीनियर और वक़ील भी बन सके व केंद्र और राज्य के शासकीय दफ्तरों में अफ़सर व मुलाज़िम बन के मुल्क़ व इंसानियत की ख़िदमतगारी कर सके। मुस्लिम मददगाह का ज़ौर सबसे ज़्यादा मदरसो के उन तलबाओं के स्कूली दाख़िले पर हैं जो माली एहतबार से टूटे हुए हैं ज़रूरतों से जूझ रहे हैं व यतीम माज़ूर और बेसहारा हैं। मुस्लिम मददगाह उन तलबाओं के सर पर सफक्कत का हाथ रख उनकी हौसला अफजाई करने में इंशाल्लाह हर मुमकिन कोशिश कर रहा हैं।
मुस्लिम मददगाह में एक ख़ेमा इलाजगाह हैं जो गरीब भारतीय ज़रूरतमंद बीमार मुस्लिमो के लिए राहत का ज़रिया हैं।

【 क़ानूनी मददगाह 】

【 क़ानूनी मददगाह 】

!!!!!!मुस्लिम मददगाह में एक ख़ेमा ज़ुल्म ज़्यादती के शिकार बेक़सूर मुस्लिमो के लिए सुऱक्षा के एहतबार से बना है जिसका नाम क़ानूनी मददगाह है!!!

क़ानूनी मददगाह

कानूनी मददगाह के ख़ेमे में हिंदुस्तान की तमाम जिला अदालत हाईकोर्ट सुप्रीमकोर्ट के मुस्लिम वक़ील मेम्बरशिप हासिल कर सकते हैं जो फ़िसबीलिल्लाह निःशुल्क बेक़सूर जरूरतमंद माली एहतबार से कमज़ोर झूठे मामलों में फंसे हुए भारतीय बेगुनाह मुस्लिमो के मामलों की पैरविह करके इंसाफ़ परोसने की क़वायद कर सकेंगे!!

{पुलिस हेल्पलाइन}

मुल्क़ में जुल्म ज़्यादती के शिकार फरियादियों के लिए देशभगती जनसेवा अव्वल अज़्बाबी दफ़्तर है उन दफ़्तरों पर अर्जियां लगाने में भी मुस्लिम मददगाह की रहबरी में आसानी से राहत हासिल कर सकते है!.

निगम दफ़्तर

                      की उलझनों में उचित मशवरे !!

जिला प्रशासन

                            के दफ़्तरों में पेश आने वाले मसलो के हल!

क़ानूनी मददगाह में वक़ालत के अलावा तमाम संवेधानिक सोहबों की भी मुक़म्मल जानकारी मौजुद है जैसे मुक़ामी पुलिस से राफ़ते के अज़्बाब जिला प्रशासन के दफ़्तरों में पेश आने वाले मसलो के हल निगम दफ़्तरों की उलझनों में उचित मशवरे !! दोस्तो मुल्क़ में जुल्म ज़्यादती के शिकार फरियादियों के लिए देशभगती जनसेवा के अव्वल अज़्बाबी शासकीय दफ़्तर है और उन दफ़्तरों पर अर्जियां लगाने में भी मुस्लिम मददगाह की रहबरी में आसानी से राहत हासिल कर सकते है व किसी भी हुक़ूमत के दफ़्तरों में उलझने पेश आने पर मुस्लिम मददगाह से मदद भी ले सकते हैं!!

(हिफाज़त-ए-ख़्वातीन)

ख़्वातीन अगर किसी भी जगह किसी भी वक़्त अपने आप असुरक्षित महसूस करे या वो किसी मुसीबत में मुब्तिला हो जाए तो वो मौक़े पर ही मुस्लिम मददगाह से मदद लेने के लिए राफ़ता क़ायम कर खुद को हिफ़ाज़त के घेरे में ले सकती है। मुस्लिम मददगाह में हालातों का सामना करने के लिए मुस्लिम कमज़ोर बहनों को क़ानूनी फ़रियाद लगाने के लिए मशवरे देना व प्रशासनिक शिकायतों में रहबरी करना नोकरी पेशा व तालीम हासिल कर रही बहनो को स्कूल कॉलेज व रास्तों में पैदा होने वाली परेशानीयों में क़ानूनी मदद पहुँचाना है व सभी विभागीय परेशानियों में रहबरी कर मशवरे देना है और अदालती मामलों में भी निःशुल्क वक़ील मुहैया करवाकर इंसाफ मिलने तक इन्शाअल्लाह साथ देना रहेगा!!

【 मुस्लिम ख़्वातीन 】

मुस्लिम ख़्वातीन अगर किसी मुसीबत में हो तो वो मौक़े पर खुद की किस तरह मदद कर सकती है? मुस्लिम मददगाह में हालातों का सामना करने के लिए मुस्लिम मज़बूर बहनों को क़ानूनी फ़रियाद लगाने के लिए मशवरे देना व प्रशासनिक शिकायतों में रहबरी करना की किस तरह वो कांनूनी ख़ेमो से इंसाफ हासिल कर सके और वक़्त पड़ने पर उनको
【महिला हेल्पलाइन 】
【महिला आयोग】
【मानव अधिकार आयोग】
अदालती मामलों में भी वक़ील मुहैया करवाकर इंसाफ मिलने तक इन्शाअल्लाह साथ देना रहेगा!!

क्राइम रिपोर्टर

कांनूनी मददगाह के ख़ेमो में मुल्क़ के मुस्लिम क्राइम रिपोर्टरों को भी भारी तादाद में जोड़ा जा रहा हैं जो ज़रूरत पड़ने पर बेक़सूर बेगुनाहगारो की तहक़ीकात कर ख़बर के सहारे इंसाफ़ दिला सके।

मुस्लिम मददगाह में मौजूद एक ख़ेमा इबादतगाह भी हैं जिसका मकसद तमाम हिन्दुस्तां में मौजूद मस्जिदों को अज़्बाबी हिफ़ाज़त की चादर ओढ़ाना हैं।

【 इलाजगाह 】

मौला मुल्क़ के हर एक बाशिन्दों के जिस्म को सेहतमंदी व सिफ़ा की जंजीरों से जकड़ कर रखे और अगर किसी को बीमारी दे भी तो उसके घर व देखरेख करने वालो को उसके इलाज के लिए माल खर्च करने की हैसियत भी दे। मुस्लिम मददगाह में एक ख़ेमा इलाजगाह की शक्ल में मौजूद हैं जिसमें हिंदुस्तानी सभी पद्दत्ति के मुस्लिम डॉक्टरों को मुस्लिम मददगाह में मेम्बरशिप दिलवाकर फ़िसबिलिल्लाह निशुल्क माली एहतबार से टूटे हुए बीमार मुस्लिमो के इलाज करवाने के लिए तैयार करता हैं। दोनों ही शक़्ल इलाजगाह के खेमे में मौजूद हैं। मुस्लिम डॉक्टर अपने वक्त की कुर्बानी देकर अपने हुनर को मोहताज बीमार मुस्लिमो के इलाज में लगाने के लिए मेम्बरशिप हासिल कर सकता हैं और ज़रूरतमंद बीमार अपना इलाज करवाने के लिए मुस्लिम मददगाह के खेमे इलाजगाह से दरख़ास्त भी लगा सकता हैं। (मुस्लिम मददगाह के राहत के काफिले में एक लश्कर तमाम मुस्लिम बस्तियों में सर्वे नुमा गश्त करके ज़रूरतों का जायज़ा लेने के लिए भी हैं जिस ख़ेमे का नाम मुस्लिम मददगाह में ज़रूरतमंद ज़िन्दगी रखा गया हैं। )

【 ज़रूरतमंद ज़िन्दगी 】

मुस्लिम मददगाह के ख़िदमतगार जवान मुस्लिम ज़रूरतमंद बस्तियों में सर्वे करके उन मुसीबत में मुब्तला बेसहारा मुसलमानों का आंकड़ा निकालते हैं जो बिल्कुल माली एहतबार से पूरी तरह टूटे हुए हैं। मोहताज़गी के बेसहारा कच्चे मकानों झोपड़ी नुमा घरों में जो बेवा बीमार बेसहारा बुजुर्गों और तलाकशुदा बहनों व बेरोज़गार मुस्लिम जवानों और जुल्म के शिकार बेगुनाहों व खाने के मोहताज पेटो की और गैरतमन्द गरीब गुरबा यतीम मुसलमानों की हक़ीकत भरी कार-गुज़ारी को तहक़ीक़ करके लाते हैं जिन ज़रूरतमंद ज़िन्दगियों को मुस्लिम मददगाह में मौजूद मीडिया मददगाह के ख़िदमतगार पत्रकार खबर बनाकर चलाते हैं जिससे कि कोई भी दानिशमन्द मदद व नुसरत करने वाली शख्सियत खुद ज़रूरतमंद ज़िन्दगी से रूबरू होकर आमने सामने जुड़ जाती हैं और ज़रूरतमंद ज़िन्दगियों को सहारा मिल जाता हैं। मुस्लिम मददगाह में एक ख़ेमें का नाम ख़िदमत की मंशा से ख़िदमतगारो का ख़ेमा रखा गया हैं।

【 स्कूली दाख़िले 】

मुस्लिम मददगाह में एक ख़ेमा मुस्लिम बस्तियों के जरूरतमंद ग़रीब बच्चो के स्कूली दाखलों पर काम कर रहा है जो अपने फ़ारिग फ़ुरसत के वक़्त में इन मासूमों के स्कूली दाख़िले अतराफ़ के शासकीय स्कूलों में करवाने की कोशिशें कर रहे हैं व उन बच्चो के हुनर को भाप उनकी क़ाबिलियत के हिसाब से उनकी रहबरी कर गुमराही के रास्तों पर जाने से टोकने पर ज़ोर दे रहे हैं।

【 ख़िदमतगारो का ख़ेमा 】

माशाअल्लाह हिंदुस्तान के तमाम इलाक़ो में मुल्क़ की तरक्की व मानवता की मदद की मंशा से मुस्लिम शख्सियतों के द्वारा चलाए जा रहे समाजिक संस्थानों व सियासी चेहरों को और उन तमाम छोटे बड़े ख़िदमतगार ग्रुपो को एक मकाम पर लाना हैं और उनके ज़रिए किए जा रहे इंसानियत के तमाम खेर व भलाई के कामों को ख़िदमतगारों के ख़ेमे में शरीक कर ख़बरों के ज़रिए उनका व उनके नेक कामों का वक़्त वक़्त पर हौसला अफ़्जाई करना हैं। मूल्क़ व दुनिया भर में मुस्लिम क़ौम के लिए समाज के बीच बन रही मनघड़नत व नकारात्मक छवि को दुरुस्त करके समाज के सभी धर्मों के मानने गेर मज़हबी भाइयों के दिलो में इस्लाम के मानने वालो के लिए हमदर्दी व मोहब्बत के बीच बोने की हैं।


मुस्लिम मददगाह के मक़सद का दायरा इस के आगे भी फैला हुआ है, उम्मत के तमाम तन्हा जवान भाई बहनों के लिए दीनदार हमसफ़र तलाशने में फिसबिलिल्लाह मुफ़्त मुस्लिम मददगाह का एक ख़ेमा निक़ाह के क़ाबिल की शक़्ल में तैयार किया गया है। जिसकी तह तक थाओ लगाने के लिए नीचे लिंक मौज़ूद है-

【 निकाह के काबिल 】

मुस्लिम मददगाह में एक ख़ेमा निकाह के काबिल नाम से भी है जहां मुस्लिम नौजवान दीनदार बहनों व भाइयों के लिए निकाह की तलाश पूरी की जा सकती है।

• क्या आप अपने जवान बेटे बेटियों और बहनों के रिश्तो के लिए परेशान हो रहे हैं?
• क्या आपको अब तक अच्छा रिश्ता नहीं मिल पा रहा है?
• क्या आप अच्छे रिश्तों की तलाश में फुजूल पैसा खर्च कर रहे हैं?
• क्या कीमती इश्तेहारों विज्ञापनों से भी आपको कोई अच्छा रिश्ता नहीं मिल पाक रहा है?
• क्या आप लम्बे वक़्त से रिश्ते के मुआमलों में धोखा खा रहे हैं?
• क्या अच्छे और सही रिश्तों पर से आपका भरोसा उठता जा रहा है ?

अगर ऐसा कुछ है तो फिक्र करना अब बन्द कर दीजिए और मुस्लिम मददगाह के ख़ेमे (निक़ाह के क़ाबिल) से रिश्ते तलाशकर फायदा उठाइए हम पूरी ईमानदारी के साथ बगैर फ़ीस लिए रिश्ते लगाने की फ्री सर्विस देते हैं मुस्लिम मददगाह फिसबिलिल्लाह आपकी खिदमत के लिए हर वक़्त तैयार है।

निकाह के काबिल

【 ज़ियारतगाह 】

मुस्लिम मददग़ाह में एक खेमा भारतीय ज़ियारतग़ाहो कि खैर ख़बर व निगाहबानी की मंशा से तय्यार किया गया है! जहाँ आसानी से आप अपने अतराफ की जियारतगाहो कि जानकारी update कर सकते हैं और अनचाही मुसीबतें आने पर मदद हर मुमकिन मदद भी हासील कर सकते है

【 जमात-ए-तबलीग़ 】

राह-ए-खुदा पर चलके देश भर के ग़ुमराह मुसलमानों को राहे नेक़ पर लाने की क़वायद करने वाले जमात-ए-तबलीग़ में सफ़र कर रहे दाइयों को अगर ट्रेन, बस स्टैंड या एयरपोर्ट पर या फिर किसी भी मुक़ामी मस्जिदों के इर्दगिर्द कोई मुसीबत पेश आए तो तत्काल मुस्लिम मददगाह के ख़िदमतगारो से राफ़ता क़ायम कर के हर मुमकिन क़ानूनी मदद हासिल कर सकते हें !!

【 मुस्लिम गरीब बस्तियों के बच्चो को नशे से निजात दिलाने की कवायद!! 】

मुस्लिम मददगाह के खिदमतगार पढ़े लिखे जवानों की जामात ने कई मुस्लिम मोहताज़ बस्तियों के बच्चों में बड़ती नशे की आदत को बदलने की गरज से नशे के आदी बच्चो के दरमियान जा जा कर परामर्श का सिलसिला शुरू करा है जिससे कि नशे के दलदल में धस्ते बचपन की दुनिया व आखिरत दोनों की हिफाज़त हो सके!!!

मुस्लिम मददगाह से राफ़ता क़ायम करने के लिए व्हाट्सएप मैसेज इन नम्बरो पर कर सकते हैं

9425990668 ,   7771851163